Description
IGNOU BHCC-121 Solved Assignment Hindi Medium 2025-26
स्नातक कार्यक्रम
(बी.ए. गृह विज्ञान) (FYUP)
सत्रीय कार्य (ASSIGNMENT)
जुलाई 2025 तथा जनवरी 2026 सत्रों के लिए
पाठ्यक्रम कोड: BHCC-121
मानव विकास के आधारभूत तत्त्व
BHCC-121: मानव विकास के आधारभूत तत्त्व
शिक्षक-चिह्नित सत्रीय कार्य
सत्रीय कार्य कोड: BHCC-121/ASST/TMA
जुलाई 2025 – जनवरी 2026
अधिकतम अंक: 100
**नोट: किन्ही पाँच प्रश्नों के उत्तर दें।**
सत्रीय कार्य दो खंडों ‘अ’ और ‘ब’ में विभाजित है। आपको प्रत्येक खंड से कम से कम दो प्रश्न लगभग 600 शब्दों में हल करने होंगे। सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।
खंड-अ
1. गृह विज्ञान के अंतःविषयक स्वरूप और उसके विस्तार पर चर्चा कीजिए। यह भी स्पष्ट कीजिए कि समय के साथ इस विषय में किस प्रकार प्रतिमान-परिवर्तन (paradigm shift) हुआ है। 20
2. मानव विकास को परिभाषित कीजिए और एक अध्ययन क्षेत्र के रूप में इसकी महत्ता का वर्णन कीजिए। विकास के प्रमुख आयामों की विस्तार से व्याख्या कीजिए। 20
3. मानव विकास के मनोविश्लेषणात्मक तथा प्रासंगिक (contextual) दरष्टिकोणों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। फ्रायड तथा एरिक्सन द्वारा प्रस्तावित प्रमुख अवधारणाओं की तुलनात्मक विवेचना कीजिए। 20
4. मानव विकास के व्यवहारवादी, संज्ञानात्मक तथा सूचना-संसाधन (information processing) दृष्टिकोणों के अंतर्निहित प्रमुख सिद्धांतों पर चर्चा कीजिए। 20
5. जन्मपूर्व विकास (prenatal development) के चरणों का वर्णन कीजिए तथा मातृ- स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरणीय कारकों की भूमिका को उजागर करते हुए जन्मपूर्व देखभाल के महत्त्व की व्याख्या कीजिए। 20
6. शैशव और प्रारंभिक बाल्यावस्था में स्थूल (gross) एवं सूक्ष्म (fine) क्रियात्मक कौशलों के प्रमुख मील के पत्थरों पर चर्चा कीजिए, और स्पष्ट कीजिए कि जैविक परिपक्कता, पर्यावरणीय उद्दीपन तथा अभिभावकीय सहयोग किस प्रकार प्रारंभिक क्रियात्मक विकास में विविधताओं को प्रभावित करते हैं। 20
7. शैशव काल और टॉडलरहुड के आरम्भिक चरणों में संज्ञानात्मक विकास की प्रमुख विशेषताओं की पियाजे के सैद्धांतिक दृष्टिकोणों के संदर्भ में व्याख्या कीजिए। 20
8. शैशव और प्रारंभिक बाल्यावस्था में सामाजिक एवं भावनात्मक विकास से जुड़े प्रमुख प्रक्रियाओं पर चर्चा कीजिए। 20
खंड-ब
1. प्रारंभिक और मध्य बाल्यावस्था में शारीरिक एवं क्रियात्मक विकास की प्रमुख विशेषताओं की व्याख्या कीजिए। 20
2. स्कूली शिक्षा, सामाजिक सहभागिता तथा सांस्कृतिक संदर्भ प्रारंभिक और उत्तर बाल्यावस्था में संज्ञानात्मक एवं भाषा-विकास कौशलों को किस प्रकार प्रभावित करते हैं — इसका मूल्यांकन कीजिए। 20
3. आत्म-अवधारणा, सहकर्मी संबंध, नैतिक समझ तथा भावनात्मक विनियमन के विकास का वर्णन कीजिए, तथा यह भी विश्लेषण कीजिए कि पारिवारिक वातावरण, पालन-पोषण की शैली, विद्यालयी अनुभव तथा सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ बच्चों के सामाजिक एवं भावनात्मक अनुकूलन को कैसे प्रभावित करते हैं। 20
4. किशोरावस्था में वयःसंधि (puberty) से संबंधित जैविक प्रक्रियाओं पर चर्चा कीजिए, लड़कों और लड़कियों में वृद्धि- प्रतिमान तथा लैंगिक परिपक्कता के अंतर को स्पष्ट कीजिए, तथा यह भी बताइए कि ये शारीरिक परिवर्तन किशोरों के समग्र विकास और दैनिक क्रियाशीलता को किस प्रकार प्रभावित करते हैं। 20
5. किशोरावस्था में होने वाले संज्ञानात्मक परिवर्तनों की प्रमुख सैद्धांतिक दृष्टिकोणों के संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए, | 20
6. वयस्कता के दौरान व्यक्ति को होने वाले शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक परिवर्तनों पर विस्तृत चर्चा कीजिए। 20
7. सफल जरण (successful ageing) की अवधारणा को परिभाषित कीजिए तथा स्वस्थ वृद्धावस्था में योगदान देने वाले प्रमुख कारकों पर चर्चा कीजिए। 20
8. वृद्धावस्था, मृत्यु और मरण (death and dying) के प्रति समाज की धारणाओं का परीक्षण कीजिए। 20
BHCC121, BHCC 121


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